ALL Cover Story Story Health Poems Editorial
ब्रांडेड मफलर
January 1, 2019 • Veena Singh

जनवरी माह की हाड़ कंपाने वाली ठिठुरन में अपना सब्जी से यभरा ठेला ढकेलता हुआ वह छोटा बच्चा रोज दरवाजे के सामने से निकलता। तेज हवा के झोकों से बचाव के लिए अपने दोनों हाथों से कभी कानों को ढुकता तो कभी सिर को। कभी हवा के तेज थपेड़ों से सिकुड़ सा जाता, उसे देखकर कमला का मन दया से भर जाता, पर क्या करे कुछ समझ नहीं पाती। एक दिन सब्जी खरीदते हुए कमला ने पूछाबेटे सर्दी से तेरे कान लाल हुए जा रहे, मफलर क्यों नहीं पहनता? लड़के ने फीकी हंसी के साथ उत्तर दिया अरे मैडम जी ! मफलर हो तो बांध कर आयें। आप तो ऊपर से नीचे तक गरम कपड़ों से ढकी हैं, आप क्या जानें गरीबी का हाल? पेट भर रोटी मिल जाए यही बड़ी बात है। उसकी दो टूक बात कमला के मन को अन्दर तक भेद गई। उसने झट से अपना नया ब्रांडेड मफलर उसे पहना दिया। गरम मफलर पाकर वह फूला नहीं समाया, दोनों हाथ जोड़कर बार-बार आभार व्यक्त किया और चल दिया। कमला उसे अठखेलियां करते जाते देख गदगद हुयी जा रही थी।

ने यातले का वह अभी कुछ ही कदम चला था कि उसने अपना मफलर एक सब्जी बेच रहे बूढ़े व्यक्ति के सिर पर लपेट दिया और वह बूढ़ा लड़के का हाथ चूमकर दुआएं देने लगा जुग-जुग जियो बेटे। 'अरे यह क्या' ? कमला भौचक रह गई, उसने तेज स्वर में आवाज दी इधर आ लड़के! वह आया और अपराध बोध से सिर झुका कर खड़ा हो गया। कमला ने डपट का पूछा - तूने वह मफलर उस आदमी को क्यों दे दिया? तुझे पता भी हैकि वह मेरा ब्रांडेड मफलर कितना कीमती है? लड़का गंभीर होकर बोला- माफ कीजिएगा मैडम जी! वह मफलर कितना भी कीमती हो पर किसी की जान से तो महंगा नहीं होगा। वह बूढ़ा बाबा कमजोर और बीमार है, उसे कैंसर है। आज उसके सिर में बहुत दर्द है फिर भी मजबूरी में सब्जी बेच रहा है। मुझसे ज्यादा उस मफलर की जरूरत बूढ़े बाबा को है। इसलिए वह कीमती मफलर मैंने उसे दे दिया। वैसे तो उसकी मौत निश्चित है पर हो सकता है इस मफलर से उसकी ठंड बच जाये और उसकी उम्र दो चार दिन बढ़ जाये। छोटे से बच्चे के मुंह से इतनी बड़ी बात सुनकर कमला हतप्रभ रह गई बस इतना ही कह सकी जुग-जुग जियो बेटे। मैं तेरे लिए ऐसा ही दूसरा ब्रांडेड मफलर ला देंगी।