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पुस्तकों के माध्यम से महान् व्यक्तियों के जीवन के बारे में मिलता है जानने का मौका : राम नाईक
October 1, 2017 • Parmod Kumar Kaushik

ष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पाँच पूर्व सरसंघचालकों (डॉ. केशवराव बळिराम हेडगेवार, श्री माधवराव सदाशिवराव गोळवळकर, श्री मधुकेर दत्तात्रेय बाळा साहिब देवरस, प्रो. राजेन्द्र सिंह एवं श्री कुप्पहल्ली सीतारमैया सुदर्शन) के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केन्द्रित पुस्तकों का विमोचन प्रभात प्रकाशन, दिल्ली द्वारा लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक समारोह में किया गया। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश के राज्यपाल श्री राम थ, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री अमित शाह, भगवती प्रकाश शर्मा, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा, प्रभात प्रकाशन के श्री प्रभात कुमार व अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे। श्याम बहादुर शर्मा ने हमारे हेडगेवार, संदीप देव ने ‘हमारे गुरुजी', रामबहादुर राय एवं राजीव गुप्ता ने हमारे बालासाहब देवरस', देवेन्द्र स्वरूप एवं ब्रजकिशोर शर्मा ने हमारे रज्जू भैया' तथा बलदेव शर्मा ने हमारे सुदर्शन जी' नामक पुस्तकों की रचना की है।

इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका पाँचों सरसंघचालकों से नज़दीक का संबंध रहा है और उनके दिये संस्कारों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि हेडगेवार से 6 वर्ष की उम्र में सम्पर्क में आया तथा छोटी उम्र में भी बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। गुरु गोळवळकर जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। प्रचारक बनना चाहते थे, पर पिता के असामयिक निधन से घर की जिम्मेदारी के कारण श्री गुरुजी की सलाह पर सरकारी सेवा आरम्भ की। बाळा साहिब देवरस से आत्मीय संबंध थे। एक दुर्घटना में जब वह घायल अवस्था में लोकमान्य तिळक अस्पताल में भर्ती थे, तो बाला साहिब देवरस हालचाल लेने स्वयं आये थे।

नाईक ने रज्जू भैया के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि वे मार्गदर्शक के रूप में उनके जीवन में स्थान रखते हैं। पेट्रोलियम मंत्री रहते हुए बराबर विचार विनिमय होता रहता था। उनकी सलाह से पेट्रोल में ईथानॉल का मिश्रण शुरू किया, जिससे किसानों का एक तरह से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप में लाभ हुआ। उन्होंने बताया कि सुदर्शन जी से भी बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। उनकी कार्यशैली अद्भुत थी। राज्यपाल ने प्रभात प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कि प्रभात प्रकाशन ने पुस्तक के रूप में समाज को दीपावली का बड़ा उपहार दिया है। किताब के माध्यम से विश्वसनीय जानकारी मिलेगी तथा समाज को नयी दिशा, नयी प्रेरणा के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अमित शाह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हेडगेवार, गुरु गोळवळकर, बाला साहिब देवरस, रज्जू भैया, सुदर्शन जी ने अपने जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। ये लोग स्व के लिये न जीकर संस्था के लिये जीये। स्वयं को पिघलाकर देश के लिये काम किया। ऐसे लोगों ने समाज के लिये जीना अपना धर्म माना तथा उज्ज्वल परम्परा की स्थापना की। पाँचों सरसंघचाळक ऐसे विद्वान् थे कि कई संत भी स्वयं को उनके सामने बौना समझते थे। उन्होंने कहा कि शुद्ध आत्मा से समाजसेवा करते हैं तो कोई रुकावट नहीं आती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किताबों ने समाज को अतीत से जोड़ने का प्रयास किया है। प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पाँच किताबों का सेट, समाज को एक दृष्टि के साथ-साथ व्यक्तिवादी, जातिवादी सोच से अलग हटकर, राष्ट्रधर्म की रक्षा करने का संदेश भी देता है। पुस्तकों के माध्यम से ऐसे महान् व्यक्तियों के जीवन के बारे में, जो समाज के लिये समर्पित थे, को जानने और पहचानने का मौका मिलेगा। पाँचों दिवंगत विभूतियों ने समाज को बहुत कुछ दिया। उन्होंने कहा कि जिसे अपने इतिहास का बोध नहीं होता, वह अपने भूगोल को भी सुरक्षित नहीं कर सकता।