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अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं पर हिंदू देवी-देवताओं का अंकन
December 1, 2016 • Gunjan Aggarwal

थाईलैण्ड :

भारत के पूर्व में म्यांमार को स्पर्श करता हुआ थाईलैण्ड है। प्रथम शती ईसवी से भारतीयों द्वारा यहाँ सनातन वैदिक हिंदू संस्कृति का प्रसार हुआ। धीरे-धीरे बौद्धों के प्रभाव में आते-आते थाईलैंड हिंदू-देश से बौद्ध-देश में परिवर्तित हो गया। आजकल पंथनिरपेक्ष होने और लगभग 94 प्रतिशत बौद्ध-जनसंख्या के उपरान्त भी यहाँ सनातन हिंदू धर्म का पूरा-पूरा सम्मान होता है। प्राचीन राजधानी अयुथिया (अयोध्या) से लेकर नवीन राजधानी बैंकॉक का ‘सुवर्णभूमि एयरपोर्ट’ और ‘गरुड़ एयरवेज', मार्ग में 'लवपुरी तथा ‘विष्णुलोक' नगर भी पड़ते हैं। इसी प्रकार ‘स्वर्णपुरी', ‘इन्द्रपुरी' नामक नगर भी सनातन हिंदू-धर्म से ओतप्रोत हैं। भगवान् विष्णु का वाहन गरुड़ थाईलैण्ड का राष्ट्रीय चिह्न है। यही नहीं, पंथनिरपेक्ष थाई-सरकार में अनेक मंत्रालयों/विभागों के प्रतीक-चिह्न में हिंदू-देवताओं, यथा- ब्रह्मा-विष्णु-शिव, श्रीराम, गणेश, वरुण, विश्वकर्मा, आदि के चित्र हैं। थाई-सरकार ने समय- समय पर इनपर सिक्के जारी किए हैं।

दिनांक 28 मार्च, 2000 को थाईलैण्ड के नेशनल इकोनॉमिक ऑफ़ सोशल डेवलपमेंट बोर्ड की 50वीं वर्षगाँठ पर थाई-सरकार ने एक विशेष द्विधातु स्मारक-मुद्रा जारी किया था जिसमें एक तरफ तत्कालीन थाई-नरेश राम नवम् और दूसरी तरफ बोर्ड के प्रतीक-चिह्न का चित्र था। उल्लेखनीय है कि थाईलैण्ड के नेशनल इकोनॉमिक ऑफ सोशल डेवलपमेंट बोर्ड के प्रतीक-चिह्न में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का चित्र है।

दिनांक 14 जनवरी, 2011 को थाईलैण्ड के नेशनल इकोनॉमिक ऑफ सोशल डेवलपमेंट बोर्ड की 60वीं वर्षगाँठ पर थाई-सरकार ने पुनः एक द्विधातु स्मारक-मुद्रा जारी की थी जिसमें एक तरफ तत्कालीन थाई-नरेश राम नवम और दूसरी तरफ बोर्ड के प्रतीक-चिह्न का चित्र था।

दिनांक 06 जुलाई, 2000 को थाईलैण्ड के वित्त मंत्रालय की 80वीं वर्षगाँठ पर हाथ में तलवार लिए भगवान् विश्वकर्मा के चित्रवाली द्विधातु मुद्रा जारी की गई थी। इसके एक ओर महाराज अतुल्यतेज भूमिबोल और दूसरी तरफ भगवान् विश्वकर्मा का चित्र अंकित था।

दिनांक 02 सितम्बर, 2002 को थाईलैण्ड के सिंचाई विभाग की शताब्दी के अवसर पर थाई-सरकार ने एक विशेष द्विधातु स्मारक-मुद्रा जारी की थी जिसमें एक तरफ़ महाराज चुलालौंगकॉर्ण और भूमिबोल अतुल्यतेज तथा दूसरी तरफ सिंचाई-विभाग के प्रतीक-चिह्न का चित्र था। उल्लेखनीय है 

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